साया बनकर हर पल मेरे साथ चलता है
माँ बाबुल के जैसे मेरा ध्यान रखता है
मेरी आँख का हर एक आंसू अपने हाथ से पोछे
मेरे कल की मुझसे ज़्यादा सांवरा ही सोचे
ऐसा है मेरा सांवरिया ……..ऐसा है मेरा सांवरिया
बिन बोले हर कारज अपने आप करता है
मेरे दोष भूलकर हर दम माफ़ करता है
जब भी मुझको पड़ी ज़रूरत इक पल नहीं गंवाया
सोनू मन की पीड़ समझी छोड़ सिंहासन आया
ऐसा है मेरा सांवरिया ……..ऐसा है मेरा सांवरिया
छोड़ के चिंता अपने मन में ये विश्वास जगा
तेरा जीवन तुझसे बेहतर श्याम संभालेगा
इसके हवाले कर के कह दे तेरा काम तू जाने
आया है आता रहेगा तेरी लाज बचाने
ऐसा है मेरा सांवरिया ……..ऐसा है मेरा सांवरिया
Author: Unkonow Claim credit