जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली,
जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली,
तीन लोक की माता तू है तीन लोक की दाता,
तीन लोक की माता तू है तीन लोक की दाता,
सबके कष्ट निवारण तू है तू ही भाग्य विधाता,
सबके कष्ट निवारण तू है तू ही भाग्य विधाता,
जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली,
जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली……

धरती तू है अम्बर तू है तू ही तारागण में,
जगत भगत में तू है दाती तू ही सबके मन में,
जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली,
जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली,
जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली……

तू ही सहारा तू ही किनारा तू ही सबकी मंजिल,
तू ही मन मे तू ही तन में तू ही मंदिर जंगल,
जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली,
जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली,
जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली……

जल में तू है थल में तू है तू ही नाव चलईया,
पीर समुंद्र तू है दाती सबकी पार लगईया,
जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली,
जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली,
जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली……

पूर्व पश्चिम उत्तर दक्षिण तेरा रूप समाया,
दुर्गा तू है काली तू है तू ही योग माया,
जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली,
जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली,
जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली……

तू ही शारदा तू ही वैष्णो तू ही काली शक्ति,
तू ही अराधना तू ही पालना तू ही कामना मन की,
जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली,
जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली,
जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली……

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